बुरा वक़्तकैसे बदले :------

अगर आपका बहुत बुरा वक़्त चल रहा हो, इससे बुरा वक़्त आपकी जिंदगी में कभी न आया हो | तो टाइम कैसे बदले :------

एक छोटी सी कहानी है मूर्तिकार जंगल से जा रहा था| ये जो मूर्तिकार  होते है  उनके दिमाक में हमेसा कुछ नया करने की कोसिस होती है | मूर्तिकार ने एक पत्थर देखा सोचा की इससे मूर्ति बायीं जा सकती है | वो वही रुका थैले से सामन निकालने लगा | जैसे ही मूर्तिकार ने पत्थर पे प्रहार करने वाला था की पत्थर से आवाज आयी "रुको, कृपया मुझपर प्रहार मत करो मुझे छोड़ दो आगे बढ़ जाओ " मूर्तिकार एक बार तो दर ही गया की जंगल में ये आवाज कहा से आयी , वो थोडा सोचा की क्या करू? उसने कहा चलो छोड़ देते है | दयालु था आगे भाड़ गया | आगे भाड़ा जंगल में उसे एक और पाथेर दिखायी पड़ा| उसने कहा ये सही लग रहा है | एकदम सही है मूर्ति बनाने के लिए | मूर्तिकार ने थैली से सामान निकलना सुरु किया और पत्थर पर पहला प्रहार किया फिर सोचा अब की बार आवाज नहीं आयी? मूर्तिकार ने पत्थर से मूर्ति बना ली| फिर उसने सोचा की बड़ी भरी मूर्ति बननी है | इसको ले जाने में ३-४ लोग लगेंगे | अगले बार जब आउगा तब लोगो को लेके आउगा, और मूर्ति लेजायेगे | जंगल पार कर के मूर्ति कार गाओ में पंहुचा | गाओ वालो ने बोला तम्हारा ही इंतज़ार कर रहे थे , मंदिर बन चूका है , मूर्ति की जरुरत है | मूर्ति इस्तापित करनी है | मूर्ति बना दो|  मूर्तिकार ने कहा मूर्ति बनाने की क्या जरुरत है , मै तो मूर्ति बना के आया हु | जंगल में ३-४ लोग मेरे साथ चलो और मूर्ति लेके आते है | ये लोग जंगल में गए और मूर्ति लेके आये | गांव  में धूम-धाम से इस्तापना की गयी | अब गाओ वालो ने कहाँ की एक और पत्थर की जरुरत है | नारियल फोड़ने के लिए नहीं तो पत्थर चाहिए | मूर्तिकार " रक और पत्थर और मिल सकता है उसे मई ऐसे ही छोड़ आया था| उसे लेके आते है |" ३-४ जंगल के अंदर गए और पत्थर लेके आ गए | 

 अब वही दोनों पत्थर जो एक ही वक़्त में जांगले में थे | वो एक ही वक़्त में एक ही जगह पर आ गए (मंदिर में) मगर अफ़सोस एक पत्थर की पूजा की जा रही थी  , आरती की जा रही थी | दूसरे पत्थर पर नारियल फोड़े जा रहे | जिस पर नारियल फोड़े जा रहे उस पत्थर ने जिसकी पूजा की जा रही है उस पत्थर से पूछा " तम्हारा तो बड़े मजे चल रहे है।,पूजा की जा रही है आरती की जा रही है | टीके लग रहे है , मजा आरहा होगा |" उस पत्थर ने दूसरे पत्थर जिसमें नारियल फोड़े जा रहे थे उससे कहा की "तमने  दिन पहला प्रहार सहन कर लिया होता तो आज तम्हारी पूजा की जा रही होती | "

जिंदगी संघर्ष बस यही है | 

संघर्ष का दौर है चला जाएगा आप इससे बहार निकल आएंगे  बहुत जल्द।।।।।।

Don't come under pressure

मुस्कुराते चलिए हर वक़्त आप वो कर दिखाएंगे कुछ ऐसा,की दुनिया करना चाहेगी आपके जैसा.........



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